Dowry: A Dangerous (दहेज:एक कुप्रथा )

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इसमें संदेह नहीं है कि देश की प्रथा सामाजिक-आर्थिक नैतिक और राष्ट्रीय दृष्टि से अत्यंत हानिकारक और घोर निंदनीय है इसके कारण गरीब की सुयोग्य कन्या एक साधन संपन्न परिवारों में नहीं पहुंच सकती है जिस पिता के पास कोई कन्या है वह उस कन्या के दहेज के लिए अनीति से अति परिश्रम से धन कमाने का प्रयत्न करता है जिससे उसका जीवन बड़ा दुखमय बन जाता है
😭 इस पर भी यदि धन जुटाने में सफलता ना मिले तो कई बार बड़ी दुखदायी घटनाएं घटित हो जाती है
👉कई बार इस उलझन में सुयोग्य कन्याओं को अयोग्य के साथ और सुयोग्य को अयोग्य कन्याओं के साथ विवाह करना पड़ता है इन असंतुष्ट और अशांत जीवन बिताना पड़ता है
👉 कई बार तो यह दहेज रूपी राक्षस मानव जीवन पर इतना हावी हो जाता है कि दहेज के लालच में सास ससुर अपनी बहू को आग के हवाले भी कर देते हैं
👉 दूसरी को संत रामपाल जी महाराज से नाम दीक्षा लेकर उनके करोड़ों अनुयायियों ने दहेज जैसी कुप्रथा को जड़ से खत्म करने प्रण लिया है
👉 संत रामपाल जी महाराज बता दे कि दहेज मानव जीवन का सबसे बड़ा शत्रु है
👉एक पिता अपनी पुत्री को 21-22 साल तक पाल पोष कर बड़ा करता है और विवाह मे अपने कलेजे की कोर को किसी और को सौंप देता है, जब उसने अपने कलेजे की कोर ही सौंप दी तो फिर और कुछ देना क्या बाकी रह गए
अब सच होगा सबका सपना
दहेज मुक्त होगा भारत अपना
- संत रामपाल जी महाराज
👉इस विश्व में एकमात्र संत रामपाल जी महाराज ही दहेज मुक्त भारत के सपने को साकार कर रहे हैं

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इसमें संदेह नहीं है कि देश की प्रथा सामाजिक-आर्थिक नैतिक और राष्ट्रीय दृष्टि से अत्यंत हानिकारक और घोर निंदनीय है इसके कारण गरीब की सुयोग्य कन्या एक साधन संपन्न परिवारों में नहीं पहुंच सकती है जिस पिता के पास कोई कन्या है वह उस कन्या के दहेज के लिए अनीति से अति परिश्रम से धन कमाने का प्रयत्न करता है जिससे उसका जीवन बड़ा दुखमय बन जाता है
😭 इस पर भी यदि धन जुटाने में सफलता ना मिले तो कई बार बड़ी दुखदायी घटनाएं घटित हो जाती है
👉कई बार इस उलझन में सुयोग्य कन्याओं को अयोग्य के साथ और सुयोग्य को अयोग्य कन्याओं के साथ विवाह करना पड़ता है इन असंतुष्ट और अशांत जीवन बिताना पड़ता है
👉 कई बार तो यह दहेज रूपी राक्षस मानव जीवन पर इतना हावी हो जाता है कि दहेज के लालच में सास ससुर अपनी बहू को आग के हवाले भी कर देते हैं
👉 दूसरी को संत रामपाल जी महाराज से नाम दीक्षा लेकर उनके करोड़ों अनुयायियों ने दहेज जैसी कुप्रथा को जड़ से खत्म करने प्रण लिया है
👉 संत रामपाल जी महाराज बता दे कि दहेज मानव जीवन का सबसे बड़ा शत्रु है
👉एक पिता अपनी पुत्री को 21-22 साल तक पाल पोष कर बड़ा करता है और विवाह मे अपने कलेजे की कोर को किसी और को सौंप देता है, जब उसने अपने कलेजे की कोर ही सौंप दी तो फिर और कुछ देना क्या बाकी रह गए
अब सच होगा सबका सपना
दहेज मुक्त होगा भारत अपना
- संत रामपाल जी महाराज
👉इस विश्व में एकमात्र संत रामपाल जी महाराज ही दहेज मुक्त भारत के सपने को साकार कर रहे हैं

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